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उम्मीद 50 : टीना की तकलीफ़ देख मिसेज भगनानी ने माँगी माफ़ी

लंदन में भगनानी परिवार इंडिया आने की तैयारियों में व्यस्त है। टीना कॉलेज में प्रोजेक्ट पूरा करने में लगी हुई है। अरोरा दंपत्ति, दादी के लिए दीपावली गिफ्ट खरीदे जा चुके हैं। गिफ्ट टीना के लिए भी खरीदा गया है लेकिन उसे दिया जाएगा इंडिया पहुँचने पर। मतलब, पूरे अरोरा परिवार के लिए इस बार दीपावली पर बड़ा वाला सरप्राइज़ है।
नेक्स्ट संडे दीपावली है और इस संडे भगनानी परिवार इंडिया यात्रा की तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। तीन दिन बाद उड़ान है। संडे होने की वजह से टीना भी आई हुई है। उसने दो दिन पहले दादी, मम्मी-पापा से हुई बातचीत की चर्चा करते हुए कहा-आंटी, आपकी कसम के चक्कर में चार लोग फोन पर रोते रहे और मैं बेबस थी। नहीं बता पाई कि हम दीपावली पर इंडिया आ रहे हैं। मिसेज भगनानी ने कहा-क्या कहा दादी जी ने और तुम्हारे मम्मी-पापा ने। रोने का कारण क्या था? जरा बताओ तो सही। कुछ खास नहीं। बस दीपावली साथ मनाने की बात कर रहे थे सब। मुझे प्यार जो करते हैं। उन सबके लिए यह पहली दीपावली है, जब मैं साथ नहीं हूँ। इसके पहले वाली दीपावली सब यहीं आ गए थे। उसके पहले मैं हादसे का शिकार हो गई थी, इसलिए कुछ ज्यादा ही याद कर रहे हैं। मुझे सबसे ज्यादा बुरा लगा कि मैंने उनसे अपनी यात्रा छिपाई, यह पहला मौका है, जब मैंने मम्मी-पापा से झूठ बोला। पहला मौका है जब पापा ने टिकट भेजने की बात की तो मैंने उन्हें मना किया। यह कहते हुए टीना की आँखें गीली हो गईं। उसने कहा, जल्द से जल्द वह इंडिया पहुंचकर मम्मी-पापा, दादी की तकलीफ करना चाहती है।
मिसेज भगनानी ने टीना को गले लगा लिया और कहा कि जब हम सब एक साथ पहुँचेंगे तो वहाँ ख़ुशियाँ दो गुनी हो जाएंगी। तुम देख लेना। तीन दिन की ही तो बात है। हाँ आंटी, वो तो ठीक है लेकिन ये तीन दिन तो काटे नहीं कट रहे हैं। उन्हें पता होता तो टेंशन कम होती, झूठ बोलने की वजह से तकलीफ ज्यादा हो रही है। मिसेज भगनानी बोलीं-आओ वीडियो कॉल करते हैं और मैं सॉरी बोलती हूँ। टीना खुश हो गई। इसका मतलब आप बता दोगी। नहीं, ऐसा कुछ नहीं करने वाली हूँ। सरप्राइज़ रहेगा लेकिन मैं कुछ ऐसा जरूर कर दूँगी कि मेरी लाडो को कोई दिक्कत न हो-मिसेज भगनानी ने कहा। उधर, मनीष ने माँ के आदेश पर अरोरा अंकल को वीडियो कॉल किया। फिर दोनों परिवार ने गुफ्तगू शुरू की। स्क्रीन पर टीना को देखकर सब खुश हो गए। फिर मिसेज भगनानी ने कहा-भाई साहब, बिटियारानी ने मेरी वजह से झूठ बोला, जिसकी वजह से आपको तकलीफ़ हुई। मैं आप तीनों से माफी माँगती हूँ। इसमें टीना का कोई दोष नहीं है। मैं जिम्मेदार हूँ। पर, ऐसी क्या गलती हो गई जो आपको माफी मँगवा रही है, अरोरा दंपत्ति ने पूछा। वो मैं दो-तीन दिन बता नहीं सकती। इसका खुलासा खुद से ही हो जाएगा।
और बताइए, दीपावली की तैयारियाँ कैसी चल रही हैं? हम लोग इस बार दीवाली पर केवल पूजा करेंगे। टीना घर में नहीं है न तो लगता है त्योहार बेमकसद हो चले हैं। उसके होने पर अब तक घर का स्वरूप बदल गया होता। दीये, झालर लग गए होते। वह तो पूरे हफ्ते दीपावली मनाती थी। अब हमारी आंखों का तारा, कॉलेज में व्यस्त है तो किस बात की दीपावली-अरोरा साहब ने कहा। ऐसी बात है तो हम कुछ जुगाड़ करते हैं। कॉलेज वालों से बात करके टीना को फ्री करवाते हैं-मिसेज भगनानी ने कहा। ऐसा हो जाए तो त्यौहार का मजा दो गुना हो जाएगा। मैं अभी इनसे बात करती हूँ। कॉलेज भेजती हूँ। आप निश्चिन्त रहो। मैं कल सुबह सब प्लान करके बताती हूँ। हाँ, अगर छुट्टी मिल जाये तो मैं टिकट भेज दूँ, बस जल्दी से मुझे बता दें-अरोरा दंपत्ति अधीर हो गए। उन्हें उम्मीद है कि भगनानी कॉलेज जाकर बात करेगा तो टीना को कुछ अतिरिक्त छुट्टियाँ मिल जाएंगी। मिसेज अरोरा ने मिसेज भगनानी को शुक्रिया कहा, बोलीं आपने हम सबका मन हल्का कर दिया। अन्यथा, इस लड़की ने तो दो दिन पहले मना करके जान ही ले ली थी।
अब सबको लगने लगा कि टीना आएगी। तैयारियाँ तेज हो गईं। खुशियाँ चेहरे पर दिखने लगीं। उनकी आंखों के नूर के आने की उम्मीद जो जगी है। कल सुबह तक तस्वीर साफ होने के साथ ही पूरा त्यौहार प्लान हो जाएगा। मिसेज भगनानी ने अपने पति को अरोरा परिवार की बेकरारी के बारे में बताया तो वो बोले-तड़पने दो। तीन दिन की ही तो बात है। जब हम पहुँचेंगे तो सभी तरह के सवाल खुद ब खुद हल हो जाएंगे। कोई खुलासा करने की जरूरत नहीं है। माना कि टीना उसकी बेटी है तो हमारी भी तो कुछ है। आखिर उसे हमारे ही पास तो रहना है, यह कहते हुए भगनानी ने जोर का ठहाका लगाया और बोले कि बैग पैक कर लो। पासपोर्ट, टिकट सब एक साथ रख लो। यात्रा के दिन की तैयारियों में कुछ न कुछ लफड़ा हो ही जाता है।
मनीष से कहो कि वह अपनी तैयारी खुद करे। उस दिन मुझे कोई टंटा नहीं चाहिए। मैं दफ्तर का काम सहेजता हूँ। आखिर 15 दिन नहीं रहूँगा तो कुछ इंतजाम तो करने होंगे न। हाँ हाँ, आप करो। मैं यहाँ देखती हूँ। शाम को जल्दी आने का प्रयास करना-मिसेज भगनानी ने पति से कहा।
भगनानी ने कहा-जो हुक्म मेरे आका। मैं जल्दी आता हूँ और हाँ, टीना-मनीष से भी कहना कि वे उत्साह में मेरा प्लान खोल न दें। जी, मैंने बता दिया है। वैसे भी टीना ने जब कोई गड़बड़ नहीं की तो मनीष तो नहीं ही करेगा। मिसेज भगनानी ने कहा और तैयारियों में फिर से जुट गईं।

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